
विश्व योग दिवस नजदीक आते ही आयुष मंत्रालय ने भुजंगासन को बढ़ावा दिया है। यह आसान आसन स्ट्रेस, कब्ज, पेट की अतिरिक्त चर्बी, पीठ दर्द और सांस की परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है।
आज की भागमभाग भरी जिंदगी में शरीर थकान और तनाव का शिकार हो जाता है। भुजंगासन छाती को फैलाता है, रीढ़ को मजबूत करता है और जकड़न दूर भगाता है। पाचन तंत्र सक्रिय होता है, कब्ज भागता है और कमर-पेट की चर्बी कम होती है।
मानसिक रूप से भी यह राहत देता है। सांस प्रक्रिया बेहतर होने से ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ती है, थकान मिटती है। लंबे समय तक बैठने वालों के लिए यह स्पाइन को लचीला बनाकर दर्द से निजात दिलाता है।
अभ्यास विधि: पेट के बल लेटें, हथेलियां कंधों के नीचे। सांस भरते ऊपर उठें, 15-30 सेकंड रुकें। शुरुआत में 3-5 बार दोहराएं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह शारीरिक-मानसिक संतुलन बनाए रखता है। रोजाना करें, स्वस्थ रहें। गंभीर रोगियों को विशेषज्ञ सलाह लें।
