
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में थकान और सुस्ती आम समस्या बन चुकी है। अनियमित समय, खराब भोजन, नींद की कमी और घंटों बैठे रहना शरीर को कमजोर कर देता है। दिमाग पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। आयुष मंत्रालय योग की सलाह देता है, जिसमें मत्स्यासन थकान नाशक आसन के रूप में जाना जाता है।
यह आसन छाती को खोलता है, जिससे गहरी सांसें ली जा सकती हैं। ऑक्सीजन की अधिकता रक्त को शुद्ध करती है और कोशिकाओं को ताकत देती है। सुस्ती धीरे-धीरे गायब हो जाती है।
रीढ़ को पीछे खींचने से नसों का दबाव कम होता है। नर्व सिस्टम ऊर्जा संतुलित करता है, मन को शांति मिलती है। पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम सक्रिय होने से हृदय गति सामान्य रहती है और तनाव भागता है।
पाचन मजबूत होता है, पोषण अच्छे से मिलता है। रक्त संचार बेहतर होने से अंगों को ऊर्जा पहुंचती है। तनाव, चिंता कम होती है, नींद गहरी आती है। नियमित अभ्यास से जीवन ऊर्जावान बन जाता है।
