
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी ने सुविधाएं तो बढ़ा दीं, लेकिन शारीरिक श्रम न के बराबर रह गया है। पहले दैनिक कार्यों से ही पर्याप्त व्यायाम हो जाता था, अब सब कुछ मशीनों पर निर्भर। इससे थकान, आलस और एकाग्रता में कमी आम हो गई है।
तंदुरुस्ती बनाए रखने के लिए नियमित कसरत, सुपाच्य भोजन, गहरी नींद और सक्रिय दिनचर्या जरूरी है। इसी कड़ी में आयुष मंत्रालय ने कुंडलिनी शक्ति-विकासक क्रिया को दैनिक अभ्यास के रूप में सुझाया है। यह योग आसान विधि से शरीर को जोश भरती है और मन को केंद्रित रखती है।
करने की प्रक्रिया सरल है। पैरों के बीच चार अंगुल दूरी रखकर सीधे खड़े हों। फिर बारी-बारी से घुटने के नीचे वाले भाग को पीछे मोड़ें, एड़ी नितंबों को छुए। धीरे लौटाएं। शुरुआत में 20-25 बार करें, क्षमता अनुसार बढ़ाएं।
सुबह नियमित अभ्यास से शरीर चुस्त होता है, दिमाग तरोताजा रहता। दिन भर की थकान भाग जाती है, कार्यक्षमता बढ़ती है। इसे अपनाकर स्वस्थ जीवन जिएं।