
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ओवरथिंकिंग, बेचैनी और कमजोर याददाश्त जैसी परेशानियां आम हो गई हैं। ये छोटी समस्याएं भी हमारे कामकाज और खुशहाली को छीन लेती हैं। आयुर्वेद इन्हें मन, बुद्धि और स्मृति के असंतुलन के रूप में देखता है और इसका समाधान है वचा, ब्राह्मी व शंखपुष्पी का त्रिवेणी संयोजन।
वचा मस्तिष्क के मार्गों को साफ कर सुस्ती भगाती है, जिससे जागरूकता बढ़ती है। ब्राह्मी पोषण देकर दिमाग को स्थायी ताकत प्रदान करती है, जबकि शंखपुष्पी मन को शांत कर नींद सुधारती है। ये तीनों मिलकर तेजी और शांति का अनोखा संतुलन रचते हैं।
सही उपयोग के लिए समयबद्धता जरूरी। सुबह थोड़ी वचा लें, शाम को ब्राह्मी-शंखपुष्पी। इससे एकाग्रता बढ़ेगी, स्मृति पक्की होगी और मन हल्का बनेगा। नौकरी, पढ़ाई या दैनिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए ये वरदान है।
हालांकि, मात्रा और व्यक्तिगत प्रकृति अनुसार ही लें। ब्लड प्रेशर या थायरॉयड की दवाओं पर हों तो वैद्य से सलाह लें। इस संयोजन से न केवल दिमाग तेज होगा, बल्कि मानसिक शांति भी मिलेगी। प्राचीन ज्ञान को अपनाकर आधुनिक जीवन को संवारें।