अर्द्धहलासन से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य कैसे बढ़े
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
September 2, 2026
योग हमारी प्राचीन परम्परा का अनमोल हिस्सा है जो शरीर के साथ‑साथ मन को भी शांति प्रदान करता है। अर्द्धहलासन, जिसे आधा हलासन भी कहा जाता है, इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह आसन ‘अर्द्ध’ यानी आधा और ‘हल’ यानी हल का मिश्रण है, जहाँ आप पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को 90 डिग्री के कोण पर उठाते हैं।
आयुष मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, इस आसन को नियमित करने से पेट की चर्बी घटती है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, रीढ़ की लचीलापन बढ़ती है और रक्त परिसंचरण सुधरता है। साथ ही, यह तनाव व चिंता को कम करके मानसिक शांति प्रदान करता है और पैर की मांसपेशियों को सुदृढ़ बनाता है।
अर्द्धहलासन के लाभों को अधिकतम करने के लिए रोज़ 10‑30 सेकंड तक इस मुद्रा को धारण करें और अंत में शवासन में विश्राम करें।
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