
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पाचन संबंधी परेशानियां आम हो गई हैं। गलत खान-पान, तनाव और बैठे-बैठे काम करने से गैस, अपच, कब्ज और लगातार हिचकी जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं। ये लक्षण नजरअंदाज करने से बड़ी बीमारियां हो सकती हैं।
हिचकी डायाफ्राम की अचानक ऐंठन से होती है, जो ज्यादातर पेट की खराबी से जुड़ी होती है। ज्यादा खाना, तला-भुना ग्रास करना, शराब या घबराहट हिचकी को ट्रिगर करते हैं। योग में पांच वायुओं का जिक्र है, जिसमें अपान वायु निचले पेट को नियंत्रित करती है। यह मल-मूत्र और गैस बाहर निकालती है। असंतुलन से पेट की सारी तकलीफें शुरू हो जाती हैं।
अपान वायु मुद्रा इसी असंतुलन को ठीक करती है। सीधे बैठें, रीढ़ सीधी रखें, आंखें बंद कर गहरी सांस लें। तर्जनी मोड़ें, मध्यमा-अनामिका को अंगूठे से दबाएं, कनिष्ठा सीधी। शांत होकर सांस पर ध्यान दें।
यह मुद्रा ऊर्जा बिंदुओं को जागृत कर डायाफ्राम को रिलैक्स करती है, गैस निकालती है और पाचन सुधारती है। हिचकी तुरंत रुक जाती है। नियमित अभ्यास से एसिडिटी, कब्ज दूर होते हैं, दिल स्वस्थ रहता है, तनाव कम होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। रोज करें, सेहत बनाए रखें।
