
हर साल मार्च के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। इस बार 12 मार्च को यह विशेष दिन आया, जिस पर पूरे विश्व में किडनी स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाई गई। नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने सोशल मीडिया के जरिए किडनी की देखभाल के महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए।
एम्स के अनुसार, किडनी हमारे शरीर के विषाक्त पदार्थों को फिल्टर करती हैं, तरल पदार्थों को नियंत्रित रखती हैं और स्वास्थ्य संतुलन बनाए रखती हैं। इस दिन उन्होंने जोर दिया कि शुरुआती पहचान से गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है। दीर्घकालिक किडनी रोग (सीकेडी) भारत में 10 में से एक व्यक्ति को प्रभावित करता है। यह रोग धीरे-धीरे किडनी की क्षमता कम कर देता है, जिससे शरीर में जहर जमा होने लगता है।
प्रारंभिक चरण में कोई लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन उन्नत अवस्था में डायलिसिस या प्रत्यारोपण ही विकल्प बचता है। एम्स ने सुझाव दिए- नियमित यूरिन प्रोटीन टेस्ट, ब्लड प्रेशर की निगरानी, ब्लड क्रिएटिनिन जांच। साथ ही खूब पानी पिएं, वजन नियंत्रित रखें और बिना सलाह दवा न लें।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खराब खान-पान और अनावश्यक दवाओं का सेवन किडनी को नुकसान पहुंचाता है। नियमित चेकअप और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हम किडनी को सुरक्षित रख सकते हैं। विश्व किडनी दिवस हमें याद दिलाता है कि छोटे प्रयास बड़े परिणाम देते हैं।