
देश में डायबिटीज का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। यह धीरे-धीरे शरीर को खोखला कर हृदयाघात, किडनी फेलियर और नेत्र संबंधी जटिलताओं जैसी घातक बीमारियों को न्योता देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं से पहले रोकथाम ही सर्वोत्तम रास्ता है। नेशनल हेल्थ मिशन का ‘7ए’ फॉर्मूला रोजाना की जिंदगी में मामूली बदलावों से इस खतरे को दूर भगाने का आसान तरीका बयान करता है।
ए1: स्वस्थ भोजन की आदतें अपनाएं। जंक फूड और तले हुए व्यंजनों की जगह पौष्टिक घरेलू भोजन को प्राथमिकता दें।
ए2: फल-सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। ये रेशेदार खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को संतुलित रखते हैं और वजन पर काबू पाते हैं।
ए3: आदर्श शरीर का वजन हासिल करें। मोटापा डायबिटीज का प्रमुख कारक है; धीरे-धीरे वजन घटाकर बड़ा बदलाव लाएं।
ए4: सक्रिय जीवन अपनाएं। प्रतिदिन 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाती है।
ए5: अतिरिक्त चीनी से परहेज करें। मिठाइयों और कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी बनाएं।
ए6: तंबाकू और मदिरा त्यागें। ये जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं।
ए7: नियमित जांच करवाएं। शुरुआती पहचान से नियंत्रण आसान होता है।
ये सात उपाय न केवल डायबिटीज रोकते हैं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य सुधारते हैं। परिवार में डायबिटीज का इतिहास हो या उम्र 40 पार हो, तो इन्हें तत्काल अपनाएं। जागरूकता और अनुशासन से स्वस्थ जीवन संभव है।