
महाराष्ट्र के अमरावती में शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत इस साल 69 किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक कर दिखाया है। इन योजनाओं ने गरीब मरीजों को न केवल जीवन दिया, बल्कि लाखों-अरबों के मेडिकल खर्च से भी मुक्ति दिलाई है।
अस्पताल ने अब तक 44,000 से ज्यादा मुफ्त सर्जरी पूरी की हैं, जो इसे राज्य का शीर्ष सरकारी चिकित्सा केंद्र बनाती हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के अलावा 15,000 से अधिक मरीजों का डायलिसिस, 1,000 न्यूरोसर्जरी, 5,000 कैंसर रोगियों की कीमोथेरेपी और 8,000 से ज्यादा किडनी स्टोन सर्जरी हो चुकी हैं। निजी अस्पतालों में ये प्रक्रियाएं 5-10 लाख या इससे अधिक पड़ती हैं, लेकिन यहां सब मुफ्त।
मरीजों के परिजन भावुक होकर योजना का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। एक महिला ने बताया कि पति की किडनी डेढ़ साल से खराब थी, निजी इलाज में 18 लाख खर्च हो गए। ससुर के दान से ट्रांसप्लांट सफल रहा, बिना एक पैसा खर्च। ‘पीएम मोदी की योजना ने घर बचा लिया।’
डीन डॉ. अमोल नरोटे की टीम को राज्य सरकार ने ‘हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे’ पुरस्कार से नवाजा। डॉ. नरोटे बोले, ‘ये स्कीम्स गरीबों की सेवा का माध्यम बनी हैं। नया पोर्टल प्रक्रिया को सरल बनाता है।’
योजनाएं प्रति परिवार 5 लाख (एबी-पीएमजेएवाई) और 1.5 लाख (एमजेपीजेएवाई) कवर देती हैं। हृदयरोग, न्यूरो, कैंसर, मूत्ररोग और ट्रांसप्लांट सेवाएं उपलब्ध। स्टाफ की मेहनत सराहनीय है, जो गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही।