
मासिक धर्म के दौरान पेट और कमर में होनेवाला दर्द लाखों महिलाओं की आम परेशानी है। इसे डिस्मेनोरिया कहा जाता है, जो कभी-कभी इतना गंभीर हो जाता है कि दैनिक कार्यों में बाधा डाल देता है। लेकिन चिंता न करें, कुछ सरल घरेलू उपायों से आप बिना दवा के पूर्ण आराम पा सकती हैं। आइए जानें इन पांच प्रभावी तरीकों के बारे में, जो प्राकृतिक रूप से दर्द को जड़ से कम करते हैं।
लहसुन की चटनी से शुरुआत करें। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व सूजन और ऐंठन को तुरंत शांत करते हैं। सुबह खाली पेट एक चम्मच लेने से पेट की परेशानी दूर होती है और कई महिलाओं ने इसका लंबे समय तक लाभ उठाया है।
एलोवेरा जेल का नियमित सेवन भी चमत्कारी है। पीरियड शुरू होने से पांच दिन पहले रोज 15-20 ग्राम खाएं। यह पाचन सुधारता है, शरीर को ठंडक देता है और मूड स्विंग्स को नियंत्र्त करता है।
गर्म पानी की बोतल का प्रयोग सबसे सरल है। पेट या कमर पर 10-15 मिनट रखें, मांसपेशियां ढीली पड़ेंगी और दर्द पल भर में कम लगेगा। यह विधि तत्काल राहत का सर्वोत्तम साधन है।
भुने बीजों का मिश्रण बनाएं—मेथी, जीरा, अजवाइन व सौंफ बराबर मात्रा में। 5 ग्राम को दूध या पानी में मिलाकर दिन में दो बार पिएं। यह ऐंठन दूर करता है और मसल्स को शिथिल बनाता है।
आराम, योग और ध्यान अपनाएं। हल्के आसन और श्वास व्यायाम से न केवल शारीरिक दर्द घटता है, बल्कि मानसिक तनाव भी समाप्त हो जाता है। इन उपायों से आपका चक्र सुगम और सुखद बनेगा।