जाकिर खान ने घर निर्माण में अपनी मेहनत का खुलासा
जाकिर खान ने हाल ही में गॉपाल दत्त के "पहला पहला" पॉडकास्ट में बताया कि उनके परिवार के घर के निर्माण के दौरान वह स्वयं उसी साइट पर रहकर काम कर रहे थे। चार मजदूरों की जरूरत थी, लेकिन जाकिर ने खुद को चौथे मजदूर की तरह काम में लगा दिया। उन्होंने साइट पर सीमेंट मिलाया, रेत ढोई और छोटी‑छोटी कामों की देखरेख की, जबकि स्कूल और शुरुआती कॉमेडी प्रैक्टिस भी निभा रहे थे। इस अनुभव ने उन्हें धीरज और मेहनत की सच्ची समझ दी, जो आगे उनके मंच पर परफॉर्मेंस में दिखती है।
घर का माहौल संगीत से घिरा था। उस्ताद मोइनुद्दीन खान के पोते होने के नाते जाकिर ने बचपन से ही सारंगी के मधुर स्वर सुने, दादा जी की सुबह‑सुरु की प्रैक्टिस और कई बड़े कलाकारों के घर में आने‑जाने को देखा। यह संगीत महल उनके घर को एक अनौपचारिक संगीत अकादमी बना देता था, जहाँ कई युवा विद्यार्थी भी सीखने आते थे।
वे कभी‑कभी अपने माता‑पिता के साथ आकाशवाणी के स्टूडियो भी जाते थे, जहाँ प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक और शास्त्रीय संगीतकार प्रस्तुतियों देते थे। निर्माण कार्य और संगीतात्मक परवरिश दोनों ने मिलकर जाकिर के कहानी कहने के अंदाज़ को आकार दिया, जिससे वह अपनी श्रोताओं को प्रेरणा देते हैं।


