
बॉलीवुड में आजकल भारी बजट, जोरदार एक्शन और शानदार वीएफएक्स वाली फिल्में ही दर्शकों को लुभा पा रही हैं। ऐसे में वीर दास की छोटी सी फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ ने बाजार में अपनी अलग पहचान बना ली है। दूसरे हफ्ते भी सिनेमाघरों में बने रहना निर्देशक-कलाकार वीर दास के लिए बेहद खास पल साबित हो रहा है।
मुंबई से बातचीत में वीर दास ने दर्शकों की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘हमें शुरू से पता था कि यह एक सीमित संसाधनों वाली फिल्म है, जो बड़े स्केल वाली दुनिया में उतर रही है। फिर भी दूसरे हफ्ते तक थिएटर्स में टिके रहना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है।’
दास ने जोर देकर कहा कि यह सफलता दर्शकों का प्यार ही है, जिन्होंने न सिर्फ फिल्म देखी बल्कि इसके बारे में बातें कीं और अपनों को भी थिएटर खींच लाए। यही सच्चा समर्थन छोटी फिल्मों को लंबे समय तक जिंदा रखता है।
‘हैप्पी पटेल’ वीर दास की निर्देशन यात्रा की पहली मंजिल है। वे इसमें मुख्य भूमिका के साथ निर्देशन भी कर चुके हैं। कहानी है एक अनोखे लड़के की, जो दो ब्रिटिश गे एजेंट्स का गोद लिया बेटा है। जासूस बनने का सपना टूटने के बाद पता चलता है कि उसके असली जड़ें भारत में हैं।
गोवा मिशन पर भेजा जाता है हैप्पी को, जहां एक विदेशी महिला को फैक्ट्री में फेयरनेस क्रीम का फॉर्मूला जबरन बनवाने वाले लोकल डॉन मामा से बचाना है। पुरानी दुश्मनी वाली यह कहानी हंसी, थ्रिल और ट्विस्ट से भरपूर है।
मिथिला पालकर, मोना सिंह, शारिब हाशमी और सृष्टि तावड़े जैसे सितारे फिल्म को मजबूती देते हैं। वीर दास का यह दांव कामयाब साबित हो रहा है।