
मुंबई के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उदयपुर जेल में 30 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में बंद इस दिग्गज पर अब उनकी बेटी कृष्णा भट्ट के साथ 13.5 करोड़ की ठगी का नया आरोप लगा है। वर्सोवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने जांच अपने हाथ में ले ली है।
शिकायत के अनुसार, भट्ट पिता-पुत्री ने एक व्यापारी को फिल्मों में निवेश के नाम पर ऊंचे रिटर्न का लालच देकर 13.5 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। न तो पैसा लौटा और न ही फिल्में बनीं। यह मामला बॉलीवुड के निवेश घोटालों की बढ़ती कड़ी को उजागर करता है।
पहले के 30 करोड़ मामले में इंदिरा ग्रुप के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया ने भट्ट दंपति पर आरोप लगाए थे। मुंबई में मुलाकात के दौरान पत्नी इंदिरा पर बायोपिक समेत चार फिल्मों का करार हुआ और 44.29 करोड़ दिए गए। कुछ शूटिंग हुई, लेकिन पैसे लौटाने पर टालमटोल से परेशान होकर पुलिस का सहारा लिया गया।
दिसंबर में गिरफ्तार हुए भट्ट और पत्नी को सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानत याचिका खारिज हुई। अब जोधपुर हाईकोर्ट में अपील की तैयारी है।
ईओडब्ल्यू की जांच से फिल्म इंडस्ट्री में पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है। निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े न हों। यह केस न्याय की नई उम्मीद जगाता है।