
मुंबई के मास्टरशेफ इंडिया सीजन 9 के फिनाले शूट के दौरान सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना ने खुलासा किया कि भारतीय व्यंजन पश्चिमी देशों में अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। रणवीर बरार और कुणाल कपूर के साथ सेट पर बातचीत में उन्होंने कहा कि खाना बनाने का हुनर स्थिर नहीं रहता, बल्कि लगातार विकसित होता रहता है।
“व्यंजन मोना लिसा की तस्वीर की तरह फ्रेम में कैद नहीं होते,” खन्ना ने जोर देकर कहा। “वे रंग, आकार, स्वाद, परोसने के तरीके और सजावट में बदलते रहते हैं, लेकिन जड़ें परंपरा और सुकून में गहरी पैठी रहती हैं। विदेशों में भारतीय खाने को मैं इसी गतिशीलता में बदलते देख रहा हूं।”
उन्होंने मास्टरशेफ के मंत्र का हवाला दिया, “तुमने मेरे बचपन के लिए खाना बनाया है।” हर डिश भावनात्मक जुड़ाव से जन्म लेती है और इसी से उसका सफर आगे बढ़ता है। यह सब मानव विकास, समाज, कारोबार और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। खाना महज पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि हमारी जीवन गाथा का प्रतिबिंब है।
न्यूयॉर्क के मिशेलिन स्टार रेस्टोरेंट जुनून में एग्जीक्यूटिव शेफ और को-ओनर रह चुके खन्ना कुलिनरी आर्ट्स में प्रशिक्षित हैं। भारत में मास्टरशेफ के जज के रूप में प्रसिद्ध, उन्होंने क्षेत्रीय भारतीय पाककला पर कई किताबें लिखी हैं। फूड डिप्लोमेसी और भुखमरी उन्मूलन के प्रयासों में सक्रिय खन्ना टीवी, किताबों और रेस्टोरेंट्स के जरिए वैश्विक दर्शकों तक परंपरागत तकनीकों को पहुंचाते हैं।
इस सीजन में तीनों जजों ने घरेलू रसोई की विविधता को सराहा, जो भारतीय व्यंजनों को वैश्विक पटल पर चमकाने का मंच है। खन्ना का मानना है कि असली नवाचार परंपरा को संजोते हुए ही संभव है।