
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायकन’ को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) से बड़ा झटका लगा है। फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला, जिससे रिलीज पर संकट मंडरा रहा है। मामला मद्रास हाईकोर्ट पहुंच गया है, जहां रिलीज के ही दिन फैसला सुनाया जाएगा।
सीबीएफसी की जांच समिति ने कई दौर की स्क्रीनिंग के बाद फिल्म में हिंसा, जातिगत भेदभाव और राजनीतिक उकसावे वाले दृश्यों का हवाला देकर सर्टिफिकेशन से इनकार कर दिया। बोर्ड ने 20 से अधिक कट्स और बदलावों की मांग की, लेकिन फिल्ममेकर्स ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
एच. विनोथ के निर्देशन में बनी इस फिल्म में विजय एक साहसी समाज सुधारक की भूमिका में हैं, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। लाइका प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी यह ₹350 करोड़ की महंगी परियोजना पहले से ही विवादों में घिरी हुई है। राजनीतिक दलों ने इसे चुनावी साजिश करार दिया है।
फिल्ममेकर्स ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई। कोर्ट ने मामला तेजी से सुना और रिलीज वाले दिन ही सुनवाई की तारीख तय की। जस्टिस एस.एम. सुब्रमण्यम और आर. शक्तिवेल की बेंच फैसला सुनाएगी।
विजय के प्रशंसक सोशल मीडिया पर #ReleaseJanaNayakan ट्रेंड चला रहे हैं। उद्योग बुद्धिजीवी इसे रचनात्मक स्वतंत्रता और नियामक हस्तक्षेप के बीच जंग मान रहे हैं। यदि कोर्ट ने पक्ष लिया तो यह फिल्ममेकर्स के लिए बड़ी जीत होगी।