
मुंबई। प्रसिद्ध संगीतकार व वायलिन वादक उत्तम सिंह को स्वर्णिम धरोहर लता मंगेशकर पुरस्कार से नवाजा गया है। यह सम्मान प्रतिवर्ष 6 फरवरी को लता जी की पुण्यतिथि पर दिया जाता है, लेकिन इस बार 7 फरवरी को रायपुर में समारोह होगा।
इस अवसर पर उत्तम सिंह ने लता मंगेशकर के साथ अपने लंबे सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि लता जी उनके लिए सरस्वती का अवतार थीं। उनके व्यक्तित्व में संगीत की पवित्रता झलकती थी। 40 वर्षों तक उन्होंने लता जी के लिए कई गीतों का संगीत संयोजन किया। उस समय हर कलाकार की प्राथमिकता लता जी की आवाज अपनी कृति में पाना होता था।
उन्होंने अपने पहले गीत ‘कब तक शमा जली’ का जिक्र किया, जो 1983 की फिल्म पेंटर बाबू में लता जी और महेंद्र कपूर ने गाया। पहले दस गीतों में से आठ लता जी की आवाज में रिकॉर्ड हुए। यह पुरस्कार उनका तीसरा बड़ा सम्मान है, जिसमें महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश सरकार के पुरस्कार भी शामिल हैं।
लता जी की आवाज की मधुरता को उन्होंने ईश्वरीय उपहार बताया। बोलते समय भी उनकी वाणी में संगीत होता था, गाते समय तो वह जादू बन जाता। लता मंगेशकर का योगदान अमर रहेगा, संगीत के साथ उनका नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित हो चुका है। आने वाली पीढ़ियां उन्हें हमेशा याद रखेंगी।