
प्रसिद्ध लेखिका तस्लीमा नसरीन ने संगीतकार एआर रहमान के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। रहमान के धार्मिक सहिष्णुता पर दिए गए विचारों को नसरीन ने खारिज करते हुए कहा, ‘ऐसी बातें आपको शोभा नहीं देतीं।’ यह विवाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
रहमान ने एक सार्वजनिक मंच पर धर्मों के बीच सद्भाव की वकालत की, लेकिन नसरीन ने इसे कट्टरवाद के प्रति नरमी बताया। बांग्लादेशी लेखिका, जो लज्जा जैसी किताबों के लिए निर्वासित हुईं, ने ट्विटर पर रहमान को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक ख्याति पाने वाले रहमान को सच्चाइयों से मुंह मोड़ना शोभनीय नहीं।
यह टकराव भारत के बौद्धिक हलकों में गहरे मुद्दों को उजागर करता है। रहमान के प्रशंसक उनके शांतिप्रिय संदेश का समर्थन कर रहे हैं, जबकि नसरीन के समर्थक उनके साहसी रुख की सराहना कर रहे।
विवाद के केंद्र में है धर्म, अभिव्यक्ति और सेलिब्रिटी जिम्मेदारी का सवाल। क्या रहमान जवाब देंगे? फिलहाल नसरीन की चुटकी ने बहस को नई ऊंचाई दे दी है। यह घटना समाज के ध्रुवीकरण को दर्शाती है, जहां हर बयान विवादास्पद बन जाता है।