
भारतीय टेलीविजन और सिनेमा की दुनिया में सुप्रिया पाठक का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। ‘खिचड़ी’ की मासूम हंसा से लेकर ‘दास देव’ की भयंकर धनकोर बा तक, हर भूमिका में उन्होंने जान फूंक दी।
‘खिचड़ी’ और ‘सराभाई वर्सेज सराभाई’ में हंसा बेन का किरदार आज भी घर-घर में मशहूर है। उनकी हंसी और भोली भाली अदा ने दर्शकों के दिलों में बस गए।
फिल्मों में भी सुप्रिया ने कमाल दिखाया। ‘राम लखन’, ‘मिर्च मसाला’ और ‘सरदारी बेगम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय की तारीफ हुई। उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।
हाल ही में ‘दास देव’ में धनकोर बा बनीं, जहां उन्होंने एक क्रूर मां का किरदार निभाया। शेक्सपियर के किंग लियर से प्रेरित यह भूमिका उनके टैलेंट का नमूना बनी।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की पासआउट सुप्रिया ने थिएटर से करियर शुरू किया। पंकज कपूर के साथ शादी और परिवार ने उन्हें और मजबूत बनाया।
सुप्रिया पाठक साबित करती हैं कि सच्चा टैलेंट समय की कसौटी पर खरा उतरता है। आने वाली फिल्में उनके फैंस का इंतजार करा रही हैं।