
सुप्रीम कोर्ट ने एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामले में गायिका नेहा सिंह राठौर को बड़ी अंतरिम राहत प्रदान की है। इस फैसले ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानूनी कार्रवाई के बीच संतुलन की बहस को नई गति दी है।
नेहा सिंह राठौर, जो अपनी निडर भोजपुरी गीतों के लिए जानी जाती हैं, की एक पोस्ट पर विवाद खड़ा हो गया था। यह पोस्ट राष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी करती प्रतीत हुई, जिसके बाद राजद्रोह और सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप लगे। निचली अदालतों ने उनकी पेशी का आदेश दिया था।
शीर्ष अदालत की पीठ ने दोनों पक्षों के तर्क सुने। ‘अभिव्यक्ति पर अनावश्यक अंकुश नहीं लगाया जा सकता,’ पीठ ने टिप्पणी की। अंतरिम आदेश में सभी जबरन कार्रवाइयां रोकी गई हैं।
राठौर को पोस्ट हटाने और समान सामग्री से बचने का निर्देश दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला कलाकारों के अधिकारों की रक्षा करता है।
यह मामला सोशल मीडिया पर सेंसरशिप की बहस को तेज कर रहा है। आने वाले सुनवाई में यह देशव्यापी मिसाल बन सकता है। नेहा ने कोर्ट का आभार जताया।