
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह की जमानत याचिकाओं को मंजूर कर लिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने दोनों को राहत प्रदान की, जो लंबी कानूनी लड़ाई के बाद संभव हुआ।
दोनों पर 2022 की सनसनीखेज हत्या में साजिश रचने और शूटरों को बोलेरो वाहन उपलब्ध कराने का आरोप है। चार्जशीट में उन्हें बिश्नोई गैंग और गोल्डी बराड़ से जोड़ा गया। पहले मंसा कोर्ट ने 2023 में उनकी जमानत अर्जियां ठुकरा दी थीं।
पवन बिश्नोई ने कोर्ट में खुद को बेकसूर बताया और दावा किया कि पुलिस फर्जी केस में फंसा रही। उन्होंने वाहन देने से इनकार किया। दूसरी ओर, सरकारी वकीलों ने गैंगस्टरों की मदद को कुख्यात बताया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फैसला उलट दिया।
29 मई 2022 को मंसा में सिद्धू घर से निकले ही थे कि हमलावरों ने गोलियां बरसाईं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली, विक्की मिड्ढखेड़ा की हत्या का बदला बताया। जांच में पता चला कि विक्की के शूटर सिद्धू के मैनेजर के फ्लैट में छिपे थे।
यह मामला पंजाब के गैंगवार और संगीत जगत की काली सच्चाई उजागर करता है। जमानत से केस की दिशा बदल सकती है, जबकि परिवार न्याय की राह देख रहा। आगे की सुनवाई में और खुलासे संभव।