
सुप्रीम कोर्ट ने उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर और संगीतकार एआर रहमान के बीच चल रहे संगीत विवाद पर सुनवाई अगले शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी है। मामला फिल्म पोनियिन सेलवन-2 के गाने ‘वीरा राजा वीरा’ से जुड़ा है, जिसमें डागर परिवार का दावा है कि उनका पारिवारिक रचना का बिट चुराया गया।
शुक्रवार की सुनवाई में डागर के वकील ने स्पष्ट किया कि गाने के बोल अलग हैं, लेकिन बीट और ताल उनके पिता नासिर फैयाजुद्दीन डागर तथा चाचा जहीरुद्दीन डागर द्वारा रचित ‘शिव स्तुति’ से लिया गया है। उन्होंने बताया कि सूलताल नामक यह ताल उनके परिवार की देन है, जो अमीर खुसरो की चौताल से अलग है और सदियों से मंचों पर गाया जाता रहा।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने डागर परिवार की शास्त्रीय संगीत में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि डागर परिवार को परिचय की जरूरत नहीं, इन्होंने ध्रुपद को पीढ़ी दर पीढ़ी ऊंचा उठाया। साथ ही रहमान के वैश्विक कद को भी स्वीकारा। एआर रहमान के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने समय मांगा, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
यह विवाद पिछले साल से चल रहा है। मद्रास हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने रहमान को क्रेडिट देने और 2 करोड़ रुपये जमा करने को कहा था, लेकिन डबल बेंच ने सबूतों के अभाव में फैसला उलट दिया। अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला संगीत कॉपीराइट के क्षेत्र में नया मानदंड बना सकता है।