फिल्म निर्देशक सुजॉय घोष को सुप्रीम कोर्ट से ऐतिहासिक राहत मिली है। ‘कहानी-2’ फिल्म से जुड़े कॉपीराइट उल्लंघन के लंबे मुकदमे को शीर्ष अदालत ने पूरी तरह रद्द कर दिया है। यह फैसला 2018 से चली आ रही कानूनी लड़ाई का अंत है, जिसमें लेखक उमेश मेहता ने घोष पर अपनी अनकही कहानी ‘सबक’ चुराने का आरोप लगाया था।

मामला झारखंड के हजारीबाग से शुरू हुआ, जहां मजिस्ट्रेट ने निर्देशक के खिलाफ समन जारी किया। घोष ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने प्रथम दृष्टया उल्लंघन मानते हुए याचिका खारिज कर दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे घोष को जुलाई 2024 में अंतरिम राहत मिली थी, जिसमें पेशी से छूट और नोटिस जारी किए गए। अब अंतिम फैसले में पूरी कार्रवाई समाप्त हो गई।
‘कहानी-2’ में विद्या बालन ने एक मां का ऐसा किरदार निभाया, जो बेटी के अपहरण की पहेली खुद सुलझाती है। 25 करोड़ के बजट वाली यह फिल्म ने दुनिया भर में 45 करोड़ कमाए और बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। पहली ‘कहानी’ की तरह इसने भी दर्शकों को बांध रखा।
यह फैसला बॉलीवुड में कॉपीराइट विवादों पर नया प्रकाश डालता है। निर्देशकों को बिना सबूत के आरोपों से बचाने में यह मील का पत्थर साबित होगा। सुजॉय घोष अब बिना किसी कानूनी बोझ के नई फिल्मों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
