
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुभाष घई ने जावेद सिद्दीकी को ‘वर्सेटाइल लेखक’ करार देते हुए उनकी अनपढ़ प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि सिद्दीकी में कला, कविता और साहित्य का अनूठा संगम है। यह बयान हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर को याद दिलाता है।
घई ने बताया कि ‘अर्थ’ और ‘सारांश’ जैसी फिल्मों में सिद्दीकी के संवादों ने कहानी को अमर बना दिया। उनकी रचनाएं भावनाओं की गहराई को काव्यात्मक रूप से उकेरती हैं।
1980 के दशक से शुरू हुई उनकी जोड़ी ने कई ब्लॉकबस्टर दिए। घई ने रात भर की लेखन सत्रों का जिक्र किया जहां सिद्दीकी के शब्द जादू बिखेरते थे।
आज के दौर में जहां फॉर्मूला फिल्में हावी हैं, घई का यह कथन लेखकों के लिए प्रेरणा है। सिद्दीकी का योगदान बॉलीवुड की धरोहर है।
घई ने जोर देकर कहा कि सिद्दीकी जैसी प्रतिभा दुर्लभ है, जो सिनेमा को साहित्यिक ऊंचाई प्रदान करती है।