
कोयंबटूर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अभिनेत्री और मिस सुप्रानेशनल 2016 श्रीनिधि शेट्टी सद्गुरु के आश्रम पहुंचीं। यहां उन्होंने अपने बचपन के अनुभवों, ध्यान की महत्ता और करियर की ऊंचाइयों पर खुलकर चर्चा की।
श्रीनिधि ने बताया, ‘बचपन में महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना, स्वादिष्ट भोजन और रातभर जागरण का समय था। लेकिन स्कूल की मजबूरियों के कारण हम इस उत्सव का पूरा लुत्फ नहीं उठा पाते थे।’
जीवन की भागदौड़ में तनाव से निपटने के लिए उन्होंने ध्यान पर जोर दिया। ‘हर दिन एक समान नहीं होता। ऐसे में ध्यान ही मन को शांत रखने का सर्वोत्तम तरीका है।’
सद्गुरु के विचारों को दोहराते हुए श्रीनिधि बोलीं, ‘ध्यान केवल बैठकर करना नहीं, बल्कि हर पल आंतरिक जुड़ाव बनाए रखना है। थोड़े से समय में भी भीतर की शांति को महसूस किया जा सकता है।’
उनके लिए आध्यात्मिक साधना जीवन का अभिन्न अंग है। ‘यह मेरी दैनिक दिनचर्या को संतुलित रखती है, मानसिक सुकून देती है और नौकरी व निजी जीवन में स्पष्टता लाती है।’
अभिनय सफर की शुरुआत ‘केजीएफ: चैप्टर 1’ से हुई, जिसने उन्हें साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड में नामांकन दिलाया। ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ ने कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए। ‘कोबरा’ और ‘एचआईटी: द थर्ड केस’ में आईपीएस मृदुला की भूमिका ने खूब वाहवाही बटोरी।
श्रीनिधि शेट्टी का जीवन आस्था, ध्यान और सफलता का अनुपम संगम है।