
फिल्मी दुनिया में हर साल नई प्रतिभाएं आती हैं, लेकिन बिना किसी गॉडफादर के अपनी जगह बनाने वाले बहुत कम होते हैं। शालिनी पांडे ऐसी ही एक मिसाल हैं, जिन्होंने कठिन संघर्ष और अथक परिश्रम से बॉलीवुड में अपनी छाप छोड़ी है।
हालिया बातचीत में उन्होंने अकेले सफर पर खुलकर चर्चा की। ‘बिना बैकग्राउंड के आना कठिन है, लेकिन नामुमकिन नहीं। सपनों का पीछा हर किसी को करना चाहिए। उन्हें नजरअंदाज करने से जीवन में हमेशा एक कमी रह जाती है।’
मुंबई आकर घर छोड़ने के फैसले पर उन्होंने कहा, ‘यह मेरी जिंदगी का सबसे सही कदम था। अगर मैंने सपनों को त्याग दिया होता, तो कभी पूर्ण सुख न मिलता। आज उस हिम्मत पर गर्व महसूस होता है।’
उन्होंने चुनौतियों का जिक्र किया, ‘शुरुआत में काम न मिलना, रिजेक्शन और अनिश्चितता आम है। ऐसे में धैर्य और लगातार प्रयास जरूरी। खुद पर यकीन रखें, तो रास्ते खुद बन जाते हैं।’
‘इंडस्ट्री ने मुझे आत्मबल दिया। बार-बार नकारे जाने पर भी हार न मानना सीखा। अब फैसले अधिक स्पष्ट और मजबूत होते हैं।’ शालिनी की यह प्रेरक कहानी नए कलाकारों के लिए मिसाल है।