
मनोरंजन जगत में कलाकार का असली कक्शन उसकी भूमिकाओं की विविधता से तय होता है। संदीपा धर इन दिनों ‘चुंबक’ और ‘दो दीवाने शहर में’ जैसे दो बिल्कुल अलग प्रोजेक्ट्स से सुर्खियों में हैं। एक तरफ फैमिली कॉमेडी का मजा, तो दूसरी तरफ गहरी भावनाओं का सैलाब।
‘चुंबक’ एक ऐसा शो है जो पुराने जमाने के पड़ोसी रिश्तों को जिंदा करता है। संदीपा बताती हैं, ‘आजकल कंटेंट ज्यादातर साहसी होता है, लेकिन यह शो रिश्तों की मिठास दिखाता है। कोई अश्लील मजाक नहीं, बस साफ-सुथरी हास्यभरी कहानी जहां लोग एक-दूसरे के घर आते-जाते हैं, साथ भोजन करते हैं।’
कॉमेडी उनके लिए नया प्रयोग था। ‘यह जितना आसान लगता है, उतना नहीं। टाइमिंग और रिएक्शन पर सब निर्भर करता है। नीना गुप्ता, सुमित राघवन जैसे सितारों के साथ काम करना किसी एक्टिंग वर्कशॉप से कम नहीं। सेट पर सब बराबर, दोस्तों जैसा माहौल। शूटिंग खत्म होने को है तो सबके दिल में उदासी छा गई है।’
वहीं ‘दो दीवाने शहर में’ में नैना का किरदार चुनौतीपूर्ण रहा। बाहर से परफेक्ट, अंदर से टूटी हुई लड़की को सीमित सीन में उतारना आसान नहीं था। ‘ब्रेकडाउन सीन सबसे कठिन था। ग्लिसरीन नहीं, असली आंसू। मुंबई की गर्मी में शूटिंग ने थकान दोगुनी कर दी, लेकिन टीम ने हौसला दिया।’
संदीपा धर का यह सफर दिखाता है कि सच्चा कलाकार हर जॉनर में चमक सकता है। इन प्रोजेक्ट्स से उनका अभिनय ग्राफ ऊंचा हुआ है।