
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गौरवशाली शताब्दी वर्ष में एक बड़ी सिनेमाई घोषणा ने सुर्खियां बटोर ली हैं। ‘शतक’ नामक आगामी फिल्म संगठन के 1925 से अब तक के ऐतिहासिक यात्रा को बड़े पर्दे पर उतारेगी।
यह फिल्म केवल एक बायोपिक नहीं, बल्कि भारत के वैचारिक परिवर्तन का जीवंत चित्रण होगी। डॉ. केशव बलिराम हedgeवर द्वारा स्थापित आरएसएस की शुरुआती शाखाओं से लेकर वैश्विक प्रभाव तक का सफर दर्शाया जाएगा। स्वतंत्रता पूर्व सामाजिक कार्यों से लेकर आपदा राहत तक हर पहलू पर प्रकाश पड़ेगा।
निर्देशक राजेश टचरिवर ने कहा, ‘हम अभिलेखागार और प्रत्यक्षदर्शी वृतांतों पर आधारित प्रामाणिक कथा प्रस्तुत करेंगे।’ निर्माण दल ने इतिहासकारों और संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवकों को सलाहकार बनाया है।
फिल्म में हedgeवर, एम.एस. गोलवलकर जैसे प्रमुख नेताओं के किरदार निभाने वाले अभिनेता तैयार हैं। नागपुर के मूलालय से लेकर देशभर के स्थलों पर अगले माह शूटिंग शुरू होगी।
तीन घंटे से अधिक लंबी इस फिल्म में 1948 की घटनाओं से लेकर आधुनिक सेवा कार्यों का भव्य चित्रण होगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ‘शतक’ भारतीय सिनेमा में बायोपिक के नए मानदंड गढ़ेगी। आरएसएस के शताब्दी समारोह के बीच यह फिल्म संगठन के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगी।