
नई दिल्ली। कैंसर सर्वाइवर और अभिनेत्री रोजनी खान ने अपनी पहली मक्का यात्रा पूरी कर देश लौटने के बाद सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का शिकार हो गई हैं। यह यात्रा उनके लिए आध्यात्मिक शांति का स्रोत थी, लेकिन कुछ लोग उनके परिधान और पुरानी तस्वीरों को लेकर हमलावर हो गए।
रोजनी के लौटते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। कई यूजर्स ने उनके कपड़ों की आलोचना की, पुरानी फोटो हटाने की सलाह दी और यहां तक कि उनकी आस्था पर भी उंगली उठाई। उनकी कैंसर बीमारी को भी इस विवाद से जोड़ दिया गया, जो बेहद दुखद है।
इसकी प्रतिक्रिया में रोजनी ने संयमित होकर कहा, ‘काश लोग अधिक दयालु होते। कैंसर मेरे लिए कोई नाटक नहीं, बल्कि जिंदगी की जद्दोजहद थी। ऐसे समय थे जब जीने की आस बमुश्किल थी। मेरी दुआएं दिखावे की नहीं, दिल की गहराइयों से थीं।’
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘आस्था ने कभी मुझसे अपनी पहचान मिटाने को नहीं कहा। बीमारी को हथियार बनाकर मेरे कपड़ों या विश्वास को तौलना तकलीफ देता है। कैंसर जीतना मतलब अपनी असलियत नहीं छोड़ना।’
रोजनी ने साफ लफ्जों में कहा कि उनकी दुआएं दुनिया को खुश करने के लिए नहीं, जीने के लिए थीं। उन्होंने कहा, ‘ट्रोलिंग से घबराहट नहीं होती। कैंसर जैसी जंग लड़ने के बाद ये टिप्पणियां कुछ नहीं। जीवन ने संवेदनशीलता, मानवता और सम्मान सिखाया है। किसी के वस्त्र या आस्था पर टिप्पणी करने से पहले उसके संघर्षों को समझें।’
रोजनी का यह बयान सोशल मीडिया की क्रूरता पर सवाल खड़ा करता है और सहानुभूति की अपील करता है।