
मुंबई के जुहू इलाके में 31 जनवरी की आधी रात फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के बंगले पर हुई गोलीबारी ने पुलिस को एक बड़े अपराधी तंत्र की सैर करा दी है। यह कोई सामान्य वारदात नहीं, बल्कि पुणे से मुंबई तक फैले सुनियोजित गिरोह की चाल थी, जो क्राइम ब्रांच और एंटी एक्सटॉर्शन सेल की जांच में सामने आ रही है।
रात करीब 12:45 बजे काले जैकेट और सफेद पैंट वाले हमलावर ने स्कूटर पर सवार होकर शेट्टी टावर की ओर पिस्टल से पांच गोलियां चलाईं। रोहित उस वक्त घर पर थे, लेकिन बाल-बाल बच गए। सीसीटीवी फुटेज में पूरा घटनाक्रम कैद है। आवाज सुनकर गार्ड और पुलिस पहुंची, लेकिन अपराधी फरार हो चुका था।
जांच में खुलासा हुआ कि स्कूटर पुणे से लाया गया था, जो बाद में विले पार्ले में मिला। मौके से पांच खाली खोली कारतूस और शीशे के टुकड़े बरामद हुए। अब तक पांच पुणे निवासी गिरफ्तार हो चुके हैं। उनके पास से पिस्टल, तीन मैगजीन, एयरगन और फोन जब्त किए गए।
आरोपी सिग्नल ऐप पर बातें करते और वारदात के बाद चैट डिलीट कर सबूत मिटाते थे। शुभम लोणकर को सरगना बताया जा रहा है, जिसने हथियार, स्कूटर और पैसे की सारी व्यवस्था की। शुभम और असली शूटर अभी फरार हैं। जुहू पुलिस के केस को अब एंटी एक्सटॉर्शन सेल संभाल रही है।
हथियारों का स्रोत भी ट्रेस हो गया। स्वप्निल सकट के घर से मिले असलहे आसाराम फासले ने शुभम के इशारे पर दिए थे, जिसकी 5 फरवरी को गिरफ्तारी हुई। पुलिस को शक है कि यह खंडणी या पुरानी दुश्मनी से जुड़ा है। जांच तेज है, जल्द बाकी बदमाश पकड़े जाएंगे।