
मुंबई के मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर चली गोलीबारी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह सारी साजिश दिल्ली की तिहाड़ जेल और मुंबई की आर्थर रोड जेल से ही बुनी गई थी। क्राइम ब्रांच की तेज कार्रवाई से अपराधियों के नेटवर्क का पर्दाफाश हो रहा है।
हरियाणा व उत्तर प्रदेश से पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि आगरा मॉड्यूल को फायरिंग की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसमें शूटर दीपक चंद्रा भी शामिल था। तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस गैंग का गोलू पंडित साजिश का मुख्य सूत्रधार था।
गोलू और शुभम लोनकर पुराने परिचित हैं। शुभम ने नए शूटरों की भर्ती के लिए गोलू से कहा, जिसने विष्णु कुशवाहा से संपर्क जोड़ा। विष्णु ने दीपक समेत अन्य को तैयार किया। बाद में शुभम व आरजू बिश्नोई ने भारी पैसे का लालच देकर डील फाइनल की।
फायरिंग से ठीक पहले गोलू को जमानत मिली और वह फरार है। मुंबई पुलिस उसकी तलाश तेज कर चुकी है। वहीं, पुणे मॉड्यूल ने गाड़ी-हथियार मुहैया कराए, जिसके प्रमुख शुभम के भाई प्रवीण लोनकर हैं। प्रवीण आर्थर रोड में बंद है और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का आरोपी भी।
पुलिस प्रवीण को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। जेलों से फोन आदि से संपर्क बनाए रखा गया। अब छापेमारी बढ़ाकर फरारों को पकड़ने का अभियान जोरों पर है। यह मामला अपराधियों की जेलों में सक्रियता को उजागर करता है।