
चेन्नई। कन्नड़ सिनेमा के सितारे सतीश निनासम अपनी नई फिल्म ‘द राइज ऑफ अशोका’ को लेकर जोश में हैं। 70 के दशक की यह कहानी कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर एक नौजवान के पुरानी रूढ़ियों के खिलाफ बगावत की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में निनासम ने बताया कि फिल्म में 1000 से ज्यादा कलाकार हैं और शूटिंग 138 दिनों तक चली। विशाल कलाकार मंडली, भव्य सेट्स और सटीक नियोजन इसे खास बनाते हैं।
कहानी सरकारी नौकरी के सपने देखने वाले लड़के के इर्द-गिर्द है, जो परिवार-समाज की जंजीरों से मुक्ति चाहता है। यह न सिर्फ व्यक्तिगत लड़ाई, बल्कि पूरे समुदाय के परिवर्तन की प्रेरणा है।
उस दौर को जीवंत करने में मुश्किलें आईं। आज के पक्के घरों के बजाय कच्चे मकान, कच्ची सड़कें दिखाई गईं। हर कलाकार के लिबास, अंदाज और संवाद पर खास जोर दिया गया।
निर्देशक ने 1400 शॉट्स में सीजीआई का कमाल दिखाया। फूलों के खेतों को विशाल बनाया, बिजली के तार हटाए। छह महीने की मेहनत से यह इतना सच्चा लगेगा कि पता ही नहीं चलेगा।
सप्तमी गौड़ा मुख्य भूमिका में हैं, जो ‘कांतारा’ से प्रसिद्ध हैं। यह फिल्म कन्नड़ सिनेमा में नया आयाम गढ़ेगी।