
भारतीय सिनेमा के दिग्गज रमेश देव का नाम हिंदी और मराठी फिल्म जगत में स्वर्णिम अक्षरों से अंकित है। 30 जनवरी 1929 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में जन्मे रमेश ने 285 से अधिक हिंदी और 190 से ज्यादा मराठी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनका सफर एक घुड़दौड़ से शुरू हुआ, जहां निर्देशक राजा परांजपे को जीत दिलाने पर उन्हें पहली फिल्म का ऑफर मिला।
‘पाटलाची पोर’ से कैमियो के साथ प्रवेश करने वाले रमेश ने 1956 में ‘अंधला मगतो एक डोला’ से मुख्य भूमिका निभाई। हिंदी सिनेमा में ‘आरती’ (1962) से कदम रखा, फिर अमिताभ बच्चन के साथ ‘आनंद’, राजेश खन्ना की ‘आप की कसम’, शत्रुघ्न सिन्हा की ‘मेरे अपने’ जैसी फिल्मों में छाप छोड़ी। धर्मेंद्र-हेमा मालिनी के साथ भी कई यादगार भूमिकाएं निभाईं।
250 से ज्यादा विज्ञापनों ने उनका चेहरा घर-घर पहुंचाया। मराठी नाटकों में भी उन्होंने कमाल दिखाया। पत्नी सीमा देव के साथ ‘वरदक्षिणा’ (1962) पर प्यार हुआ, शादी की और कई फिल्मों में जोड़ी बांधी। बेटे अजिंक्य (अभिनेता) और अभिनव (निर्देशक) परिवार की परंपरा निभा रहे।
2013 में पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला। 2 फरवरी 2022 को 93 वर्ष की आयु में मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन। उनका योगदान सिनेमा, विज्ञापनों और थिएटर में हमेशा चमकता रहेगा।