
तमिलनाडु के स्वर्णिम दौर के प्रतीक पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया पर एमजीआर का एक दुर्लभ पुराना वीडियो साझा किया, जो उनके करिश्माई व्यक्तित्व को जीवंत कर देता है। यह वीडियो न केवल सिनेमा प्रेमियों, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया।
एमजीआर, जिन्हें पुरात्ची थलावर के नाम से जाना जाता है, ने अभिनय से राजनीति तक का सफर तय किया। 1977 से 1987 तक मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने गरीबों, किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए क्रांतिकारी योजनाएं शुरू कीं। मिड-डे मील जैसी पहल ने शिक्षा को बढ़ावा दिया और कुपोषण कम किया। मोदी का यह श्रम सत्कार दलों के बीच सम्मान का प्रतीक है।
वीडियो में एमजीआर की वाक्पटुता और जनसंपर्क की झलक मिलती है, जो लाखों दिलों पर छाई रही। प्रधानमंत्री के पोस्ट पर एआईएडीएमके समर्थकों ने सराहना की, इसे तमिल संस्कृति के प्रति सम्मान बताया। तमिलनाडु में भाजपा की पैठ मजबूत करने के संदर्भ में यह महत्वपूर्ण कदम है।
एमजीआर का जीवन प्रेरणा स्रोत है—फिल्मों से सत्ता तक, जहां उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया। उनकी मृत्यु पर पूरे राज्य का शोक डूब गया था। आज भी उनके सिद्धांत प्रासंगिक हैं। मोदी का यह उपहार नई पीढ़ी को उनके योगदान से जोड़ता है।
जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों के बीच यह श्रद्धांजलि एमजीआर के आदर्शों को अमर बनाए रखने का संकल्प है। तमिलनाडु की राजनीति में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।