
20 फरवरी को पत्रलेखा का जन्मदिन है। फिल्मी दुनिया में उनका प्रवेश किसी संघर्ष गाथा से कम नहीं। शिलांग में 1989 में जन्मीं यह अभिनेत्री बंगाली कायस्थ परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट थे और चाहते थे बेटी भी यही बने, लेकिन पत्रलेखा का मन बचपन से ही अभिनय में रमा था।
मुंबई पहुंचकर उन्होंने विज्ञापनों से करियर की नींव रखी। दादी द्वारा दिया गया नाम उनकी पहचान बन गया। बैंगलोर के नामी स्कूलों से पढ़ाई के दौरान भरतनाट्यम, तैराकी, बास्केटबॉल और घुड़सवारी में महारत हासिल की।
2014 में ‘सिटीलाइट्स’ से डेब्यू किया, जहां राजकुमार राव संग गरीब राखी का किरदार निभाया। पहली फिल्म ही स्टार स्क्रीन अवॉर्ड दिला गई। इसके बाद ‘लव गेम्स’, ‘नानू की जानू’, ‘बदनाम गली’ और 2025 की ‘फुले’ में सावित्रीबाई फुले बनीं।
ओटीटी पर ‘बोस: डेड/अलाइव’, ‘आईसी 814’ जैसी सीरीज में छाप छोड़ी। राजकुमार से विज्ञापन के दौरान प्यार हुआ। 11 साल के रिश्ते के बाद 2021 में शादी। ‘केंपा फिल्म्स’ लॉन्च किया। बेटी पार्वती के साथ पारिवारिक जीवन जी रही हैं। पत्रलेखा का सफर प्रेरणादायक है।