
बॉलीवुड में संघर्ष के दौर से गुजर रहे विनीत कुमार सिंह के लिए ‘मुक्काबाज’ वरदान साबित हुई। इस फिल्म ने नई राहें खोलीं और आत्मविश्वास की उड़ान भरी, यही शब्दों में बयां करते हैं विनीत।
अनुराग कश्यप निर्देशित इस स्पोर्ट्स ड्रामा में विनीत ने उत्तर प्रदेश के एक मुक्केबाज की भूमिका निभाई। जातिगत भेदभाव से जूझते नायक की कहानी ने दर्शकों को बांध लिया। फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड जीता और बॉक्स ऑफिस पर भी धमाल मचाया।
वाराणसी के रहने वाले विनीत ने थिएटर से करियर शुरू किया था। मुंबई पहुंचकर छोटे-मोटे रोल निभाए, लेकिन असली पहचान ‘मुक्काबाज’ से मिली। कई महीनों की कठिन बॉक्सिंग ट्रेनिंग ने उन्हें शेप में ढाला।
‘फिल्म ने मुझे खुद पर भरोसा दिलाया,’ कहते हैं विनीत। इसके बाद ‘साराबजीत’, ‘गोल्ड’ जैसी फिल्में मिलीं। आज वे इंडस्ट्री में मजबूत जगह बना चुके हैं।
विनीत की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सपनों को हकीकत बनाना चाहते हैं। एक सही फिल्म सबकुछ बदल सकती है।