
सोशल मीडिया के इस दौर में जहां हर चीज वायरल होने को तरसती है, अभिनेत्री मोना सिंह का मानना है कि सच्ची पहचान तो यादगार किरदारों से ही बनती है। मुंबई से आईएएनएस को दिए विशेष इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दमदार अभिनय ही कलाकार को लंबे समय तक प्रासंगिक बनाए रखता है।
अपने लंबे सफर को साझा करते हुए मोना ने बताया, ‘कुछ भूमिकाएं ऐसी होती हैं जो दर्शकों के मन में हमेशा बस जाती हैं। ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ का जस्सी आज भी उतना ही लोकप्रिय है। जब लोग आपको किरदार के नाम से बुलाते हैं, यही असली सफलता है।’
उन्होंने जोर देकर कहा कि आज भी सशक्त परफॉर्मेंस की कीमत बरकरार है। ‘अगर कोई रोल दिल को छू ले, तो वह किसी ट्रेंड से ज्यादा प्रभाव छोड़ता है।’ मोना का करियर टीवी से ओटीटी तक फैला हुआ है, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा दर्शाता है।
प्रासंगिक बने रहने के लिए मोना ने सलाह दी, ‘खुद को लगातार नई चुनौतियां दें। एक ही तरह के रोल दोहराना उबाऊ होता है। कंफर्ट जोन से बाहर निकलें, जोखिम भरे किरदार चुनें।’
‘नई कहानियां, नए माध्यम और विविध भूमिकाएं कलाकार को निखारती हैं और दर्शकों से गहरा जुड़ाव बनाती हैं। प्रयोग से भागना रचनात्मकता को बांध देता है।’ मोना की बातें युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा हैं।
फिलहाल मोना अपनी अपकमिंग सीरीज ‘कोहरा 2’ को लेकर सुर्खियों में हैं। 11 फरवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो रही इस सीरीज में बरुण सोबती भी मुख्य भूमिका में हैं। मोना का संदेश साफ है- किरदारों की गहराई ही स्टारडम की कुंजी है।