
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को स्वामी विवेकानंद पर बनी फिल्म के लिए प्रतिष्ठित अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इस भूमिका के लिए उन्होंने 11 लंबे वर्षों तक गहन शोध किया, जो उनकी समर्पण भावना का प्रतीक है।
स्वामी विवेकानंद, जिन्होंने वेदांत और योग को विश्व पटल पर पहुंचाया, उनकी जिंदगी को पर्दे पर उतारना आसान नहीं था। मिथुन ने ऐतिहासिक दस्तावेजों का अध्ययन किया, संतों से मुलाकात की और अमेरिका तक उनके नक्शेकदम पर चले।
फिल्म में विवेकानंद का शिकागो भाषण ‘सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका’ से लेकर रामकृष्ण परमहंस से मुलाकात तक सब जीवंत हो गया। मिथुन की अदाकारी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अवॉर्ड लेते हुए मिथुन ने कहा, ’11 साल की मेहनत ने मुझे विवेकानंद बना दिया।’ यह फिल्म न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि प्रेरणा भी देती है।
आज के दौर में मिथुन का यह कारनामा युवा कलाकारों के लिए मिसाल है। यह साबित करता है कि सच्ची कला समय और लगन मांगती है।