
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने संगीतकार एआर रहमान के विवाद पर खुलकर बोलते हुए कहा कि किसी के व्यक्तिगत अनुभवों को नकार देने से सच्चाई का धागा कभी कमजोर नहीं पड़ता। उनका यह बयान सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
हाल ही में रहमान के धार्मिक और निजी जीवन से जुड़े बयानों ने विवाद खड़ा कर दिया था। कई लोगों ने उनके विचारों पर सवाल उठाए, लेकिन मुफ्ती ने इसे सिरे से खारिज करते हुए रहमान की कला और योगदान की सराहना की।
पीडीपी नेता ने एक सार्वजनिक सभा में कहा, ‘अनुभवों को झुठलाना आसान है, लेकिन वे ही तो जीवन की सच्चाई बनाते हैं।’ उन्होंने रहमान के ऑस्कर विजेता सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी धुनें करोड़ों दिलों को जोड़ती हैं।
यह विवाद कैंसल कल्चर और कलाकारों की आजादी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। मुफ्ती का समर्थन रहमान के प्रशंसकों के लिए राहत भरा है, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक रुख मान रहे हैं।
कश्मीर की सियासत में सक्रिय मुफ्ती का यह बयान सांस्कृतिक मंच पर उनकी मजबूत पकड़ दिखाता है। आगे रहमान का जवाब और इस बहस का असर इंडस्ट्री पर देखना दिलचस्प होगा।
मुफ्ती के शब्द साफ संदेश देते हैं कि सत्य हमेशा जीवित रहता है, चाहे कितनी भी कोशिशें क्यों न हों।