
मराठी सिनेमा की दुनिया में एक नया धमाका हुआ है ‘मायासभा’ के रूप में। यह फिल्म न केवल सस्पेंस से भरपूर है, बल्कि इसके हर दृश्य में एक गहरा अर्थ छिपा है। निर्देशक राही अनिल बर्वे ने इस कहानी को इतनी खूबसूरती से बुना है कि दर्शक अंत तक बंधे रहते हैं। फिल्म की कहानी एक रहस्यमयी सभा के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां प्रत्येक फ्रेम में प्रतीकात्मक संदेश झलकते हैं। राही अनिल बर्वे का कहना है कि ‘मायासभा’ सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के आईने जैसी है। अभिनय की तारीफें हो रही हैं, खासकर मुख्य कलाकारों की। सिनेमाघरों में रिलीज होते ही यह फिल्म चर्चा का केंद्र बन गई। दर्शकों को यह फिल्म निश्चित रूप से पसंद आएगी जो सस्पेंस और अर्थ की तलाश में हैं। मायासभा मराठी सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली फिल्म साबित हो रही है।
