
मास्टरशेफ के सेट पर एक दिल छू लेने वाला पल देखने को मिला जब जज विकास खन्ना एक कंटेस्टेंट की कहानी सुन भावुक हो गए। उनकी थेरेपी जो कुकिंग में बदल गई, वो हर किसी का दिल जीत गई।
कंटेस्टेंट को मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझना पड़ रहा था। थेरेपिस्ट ने कुकिंग को coping mechanism के रूप में सुझाया। रसोई उनके लिए शरणस्थल बन गई। साधारण व्यंजनों से शुरू होकर उन्होंने गौरमेट डिशेज बनाना सीख लिया और मास्टरशेफ में एंट्री मार ली।
सेट पर उन्होंने अपना सिग्नेचर डिश पेश किया—घरेलू स्वादों का फ्यूजन। विकास खन्ना ने चखा तो आंखें नम हो गईं। ‘ये सिर्फ खाना नहीं, तुम्हारी जिंदगी की कहानी है,’ उन्होंने कहा। बाकी जज भी तारीफों से भरपूर रहे।
ये घटना बताती है कि कुकिंग सिर्फ पेट भरना नहीं, भावनाओं का इजहार भी है। सोशल मीडिया पर फैंस ने सपोर्ट की बाढ़ ला दी। एपिसोड आने से पहले ही बवाल मच गया।
कंटेस्टेंट के लिए ये जीत से ज्यादा वैलिडेशन है। विकास ने याद दिलाया, ‘अच्छे शेफ दिल से पकाते हैं।’ उनकी प्रेरणा लाखों को मिलेगी।