
मुंबई, 26 फरवरी। जश्न-ए-जन्मदिन की पूर्व संध्या पर याद करें मनोज मुंतशिर के संघर्ष भरे सफर को। टेलीविजन से बॉलीवुड तक का यह सफरना 39 असफल गीतों के बाद 40वें गाने ‘तेरी गलियां’ पर सवार हुआ। गदर 2 फिल्म का यह गीत न केवल सुपरहिट बना, बल्कि लेखक की जिंदगी में भी नई चमक लाया—पहली बीएमडब्ल्यू कार सहित।
बचपन से कवि बने मनोज ने 11वीं कक्षा में दिल टूटने के दर्द से प्रेमपूर्ण शैली सीखी। ‘हर फैसला सिक्का उछाल के नहीं होता’ जैसे बोल आज भी युवाओं को पुराने जमाने का प्यार सिखाते हैं। टीवी में 2005 से केबीसी जैसी स्क्रिप्ट्स लिखने के बाद फिल्मी गीतों में कूदे।
‘कौन तुझे यूँ प्यार करेगा’, ‘तेरे संग यारा’, ‘मैं फिर भी तुझको चाहूंगा’ जैसे हिट्स ने उन्हें रोमांटिक गीतों का सरताज बनाया। वहीं ‘तेरी मिट्टी’ में देशभक्ति का जज्बा झलकता है, जिसका एक पैरा आज भी उनके ताकिए तले सुरक्षित है।
बाहुबली से केसरी तक, मनोज की कलम ने कमाल दिखाया। उनका यह सफर साबित करता है कि लगन से हर मंजिल हासिल होती है। जन्मदिन मुबारक!