
भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक दिन! मणिपुर की छोटी फिल्म ‘बूंग’ ने बाफ्टा अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ बाल एवं पारिवारिक फिल्म का खिताब जीत लिया है। फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है।
फिल्म मणिपुर की सीमा पर नस्लीय तनावों के बीच एक स्कूली बच्चे की कहानी बयान करती है, जो हिंसा और उपेक्षा से जूझता हुआ अपने बिखरे परिवार को जोड़ने और पिता को वापस लाने की कोशिश करता है। राज्य के सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को गहराई से उकेरती यह फिल्म दर्शकों के दिलों को छू गई।
पुरस्कार वितरण समारोह में लक्ष्मीप्रिया देवी भावुक नजर आईं। फरहान अख्तर के साथ मंच पर पहुंचीं उन्होंने कहा, ‘यह फिल्म और यह जीत मेरे गृह राज्य मणिपुर को समर्पित है, जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है।’ उन्होंने मणिपुर में शांति की कामना की।
लक्ष्मीप्रिया ने अपनी स्पीच में सफर को किसी पहाड़ की चोटी पर पहुंचने जैसा बताया, जिसका कभी अंदाजा नहीं था। बाफ्टा जीत इस साल की पहली भारतीय फिल्म है, जो क्षेत्रीय सिनेमा की ताकत दिखाती है।
इससे पहले ‘बूंग’ का प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ। वारसा, आईएफएफआई और मेलबर्न फेस्टिवल में भी सराही गई। यह सफलता भारत के पूर्वोत्तर सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाती है।