
तमिल सुपरस्टार थलपति विजय की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘लियो’ को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ी न्यायिक राहत मिली है। कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) को फिल्म को ‘यूए’ सर्टिफिकेट तत्काल जारी करने का सख्त निर्देश दिया है।
दिवाली पर रिलीज हुई इस फिल्म ने विश्व पटल पर धमाल मचा दिया था। पहले वीकेंड में ही 580 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर तमिल सिनेमा का नया रिकॉर्ड कायम किया। लेकिन रिलीज के बाद सर्टिफिकेशन में अटके आने से निर्माताओं को परेशानी हुई।
जस्टिस आनंद वेंकटेश की एकलपीठ ने सीबीएफसी की जांच समिति की बदलती मांगों पर नाराजगी जताई। फिल्म निर्माताओं ने कई दृश्य काटे फिर भी बोर्ड ने यूए सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने 24 घंटे के अंदर प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश सुनाया।
फिल्म उद्योग में इस फैसले को सेंसरशिप प्रक्रिया में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। थलपति विजय के प्रशंसक इस जीत को सेलिब्रेट कर रहे हैं। ‘लियो’ न केवल व्यावसायिक सफलता की मिसाल है बल्कि सेंसर बोर्ड सुधार की मांग को भी बल देती है।
यह निर्णय भविष्य की फिल्मों के लिए एक मिसाल कायम करेगा, जहां व्यावसायिक हितों और नियामक प्रक्रियाओं के बीच संतुलन जरूरी है।