
बॉलीवुड की अमर अभिनेत्री मधुबाला ने न केवल अपने सौंदर्य से दुनिया को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि मात्र 12 वर्ष की आयु में ड्राइविंग सीखकर समाज की जंजीरों को तोड़ दिया। उस दौर में जब लड़कियां घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, मधुबाला ने गाड़ी की स्टीयरिंग संभालकर अपनी स्वतंत्र सोच का परिचय दिया।
14 फरवरी 1933 को दिल्ली में मुमताज जहां के रूप में जन्मीं मधुबाला का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पिता अताउल्लाह खान ने मुंबई आकर उनके भविष्य को चमकाने की ठानी। नौ साल की उम्र में ‘बसंत’ फिल्म से बाल कलाकार बेबी मुमताज के नाम से डेब्यू किया।
1947 में ‘नील कमल’ से मधुबाला नाम अर्जित कर लिया। ‘महल’, ‘फागुन’, ‘हावड़ा ब्रिज’, ‘काला पानी’ और ‘चलती का नाम गाड़ी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टार बना दिया। राज कपूर, दिलीप कुमार, अशोक कुमार जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। ड्राइविंग उनका सबसे बड़ा साहसिक कदम था।
निजी जीवन में दिलीप कुमार से प्रेम, फिर किशोर कुमार से विवाह। 1960 के दशक में दिल में छेद की बीमारी ने उन्हें घेर लिया। लंदन के चिकित्सकों ने ऑपरेशन से इंकार कर दिया। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
करीब 70 फिल्मों में योगदान के बाद 23 फरवरी 1969 को 36 वर्ष की आयु में वे चल बसीं। मधुबाला की कहानी साहस और आत्मनिर्भरता की मिसाल है।