Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi की वापसी: अनुपमा और तारक मेहता के लिए खतरा?
Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi TRP: टीवी इंडस्ट्री में टीआरपी की दौड़ में बने रहना मुश्किल है, लेकिन कुछ शोज ऐसे भी होते हैं जो आते ही गेम चेंजर बन जाते हैं। इस बार की टीआरपी रिपोर्ट ने सबको चौंका...

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi TRP: टीवी इंडस्ट्री में टीआरपी की दौड़ में बने रहना मुश्किल है, लेकिन कुछ शोज ऐसे भी होते हैं जो आते ही गेम चेंजर बन जाते हैं। इस बार की टीआरपी रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है, क्योंकि आइकॉनिक शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी सीजन 2' की वापसी ने इंडस्ट्री के समीकरण पूरी तरह से बदल दिए हैं। एक हफ्ते पहले तक जहां अनुपमा और तारक मेहता का उल्टा चश्मा जैसे दिग्गज शोज का दबदबा था, वहीं अब 'तुलसी विरानी' ने आते ही सबकी छुट्टी कर दी है।
टीआरपी रिपोर्ट के मुताबिक, 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी सीजन 2' ने 2.3 की शानदार टीवीआर (TVR) रेटिंग हासिल कर पहले पायदान पर कब्जा जमाया है। स्मृति ईरानी के शो का आते ही नंबर वन बनना अपने आप में एक रिकॉर्ड है क्योंकि इसने टीवी पर लंबे समय से नंबर 1 की कुर्सी पर बैठीं रुपाली गांगुली की 'अनुपमा' को दूसरे स्थान पर धकेल दिया है। हैरानी की बात ये है कि 'अनुपमा' की रेटिंग भी 2.3 ही है, लेकिन नए शो की ओपनिंग रेटिंग ने उसे पीछे कर दिया।
तारक को 'क्योंकि' से खतरा!
इस सब के बीच, दशकों से दर्शकों के दिल पर राज कर रहे 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। 1.9 की रेटिंग के साथ यह शो पांचवे स्थान पर है, जो उसकी पिछली परफॉर्मेंस को देखते हुए कम मानी जा रही है। भले ही भूतनी का ट्रैक खत्म होते ही शो की रेटिंग लगातार गिर रही है और 'तुलसी विरानी' की वापसी ने इस शो के सामने भी और एक चैलेंज खड़ा कर दिया है।
क्या सच में बढ़ जाएंगी जेठालाल और अनुपमा की मुश्किलें
पिछले 20 साल से टीवी सीरियल के सेट पर अपना समय बिताने वाले एक सूत्र से बातचीत में जब हमने उनसे पूछा कि क्या सच में 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की वजह से 'अनुपमा' और 'तारक मेहता...' जैसे शोज की छुट्टी हो सकती हैं? तब उन्होंने कहा कि ओपनिंग टीआरपी से दूसरे हफ्ते की टीआरपी ज्यादा मायने रखती है। ओपनिंग हफ्ते में टीआरपी आना कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि शो का सब जगह प्रमोशन हो रहा है, लोगों को भी इसे देखने की उत्सुकता है। अगर ये उत्सुकता अगले हफ्ते भी बरकरार रहती हैं? तो शायद अनुपमा और तारक मेहता जैसे शोज को अपने ट्रैक पर काम करना पड़ सकता है।
जानें क्या है स्मृति ईरानी का कहना है
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' को मिली सफलता से स्मृति ईरानी बहुत खुश हैं। इस शो ने कई रिकार्ड्स बनाए हैं। अब तक टीवी के इतिहास में कोई भी शो 25 साल बाद नहीं लौटा था। ये अपने आप में ही एक रिकॉर्ड है। सिर्फ टीवी पर ही नहीं ओटीटी प्लेटफार्म पर भी लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया है। मेरे लिए ये बहुत बड़ा सरप्राइज था कि लोग ओटीटी पर भी ये शो देखते हैं। इतना प्यार देने के लिए बहुत सारा धन्यवाद।


