
भारत का सबसे भव्य धार्मिक आयोजन कुंभ मेला केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड के लिए भाग्यविधाता भी साबित हुआ है। मेले के एक सीन ने कई फिल्मों को सुपरहिट बना दिया, तो कहीं ‘तकदीर’ ने साथ दिया तो कहीं ‘कुंभ की कसम’ ने कमाल。
1970 के दशक की एक ब्लॉकबस्टर फिल्म में हीरो का कुंभ घाट पर लिया गया इमोशनल संकल्प – ‘कुंभ की कसम’ – पूरे देश में गूंज गया। लाखों स्नान करने वाले भक्तों के बीच फिल्माया गया यह दृश्य दर्शकों के दिलों में उतर गया, फिल्म ने रिकॉर्ड तोड़े।
90 के दशक में एक और निर्देशक ने प्रयागराज कुंभ की हलचल को जीवंत किया। साधुओं की परेड, हाथी दर्पण, त्रिवेणी संगम पर किस्मत का टकराव। यह सीन रिलीज होते ही धमाल मचा दिया, टेलीविजन पर अनगिनत बार दोहराया गया।
इन दृश्यों की ताकत आस्था, भाग्य और उन्माद का मिश्रण है। निर्देशक वास्तविक फुटेज लेते हैं, सितारों का जादू जोड़ते हैं, और फिल्म उड़ान भर लेती है। शाहरुख से लेकर अमिताभ तक, कुंभ ने सभी को अपनाया।
फिल्माईश की मुश्किलें कम नहीं – अनुमति, भीड़ प्रबंधन, मौसम। लेकिन सफलता जब मिली, तो इतिहास रचा। आज फिर कुंभ की तैयारियां जोरों पर, क्या कोई नई फिल्म भाग्यशाली साबित होगी? कुंभ तो यही कह रहा है।