
बॉलीवुड की बेबाक अभिनेत्री कंगना रनौत ने हाल ही में 2016 के उस दौर को याद किया जब उनकी जिंदगी पटाखों सी फूटी, लेकिन खुशियां जहर बन गईं। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि कामयाबी ने उन्हें निगल लिया था और रोजमर्रा की जिंदगी नर्क जैसी हो गई थी।
2016 कंगना के लिए रोलरकोस्टर राइड था। तनु वेड्स मानु रिटर्न्स जैसी फिल्मों की सफलता के बावजूद, उद्योग के दिग्गजों से विवाद ने सब तबाह कर दिया। ‘सफलता जहर बन गई,’ उन्होंने कहा। ‘हर तारीफ के साथ साजिशें जुड़ी रहीं।’ मीडिया का तांडव, कानूनी लड़ाइयां और दोस्तों का साथ छोड़ना—सबने उन्हें तोड़ दिया।
नींद न आना, चिंता के दौरे, वजन घटना—स्वास्थ्य बिगड़ गया। कंगना ने बताया कि वे अकेलेपन की गहराई में डूब गईं, जहां हर कदम खतरे से भरा था। लेकिन परिवार और आंतरिक शक्ति ने उन्हें संभाला।
आज लोकसभा सांसद बनीं कंगना उस नर्क से निकलकर नई ऊंचाइयों पर हैं। उनकी कहानी बॉलीवुड में मानसिक स्वास्थ्य और विषाक्त संस्कृति पर बहस छेड़ रही है। यह उन तमाम कलाकारों के लिए प्रेरणा है जो संघर्ष कर रहे हैं। सफलता की चमक के पीछे छिपे अंधेरे को समझना जरूरी है।