
बॉलीवुड में एक नया विवाद गरमाया है। ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान पर मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने कड़ा प्रहार किया है। रहमान ने एक चर्चा के दौरान कहा था कि उद्योग में ‘छोटे प्रोड्यूसर भी डरते हैं’, लेकिन अख्तर ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि असली डर तो कलाकारों और तकनीशियनों का है।
अख्तर का मानना है कि प्रोड्यूसर, चाहे छोटे हों या बड़े, हमेशा सत्ता के केंद्र में रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘ऐसा बयान ऊपर बैठे लोगों से ही आता है। नीचे वाले तो रोज जद्दोजहद करते हैं।’ यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और बहस छेड़ दी है।
रहमान ने अपने बयान में उद्योग की धमकीपूर्ण संस्कृति का जिक्र किया था, जहां बड़े बैनर छोटों को दबाते हैं। क्रिएटिव फ्रीडम पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि ब्लैकलिस्टिंग का भय सबको जकड़ लेता है। लेकिन अख्तर ने उल्टा तर्क देते हुए कहा कि प्रोड्यूसर ही तो बजट और करियर कंट्रोल करते हैं।
यह पहला मौका नहीं जब दोनों दिग्गजों के विचार टकराए हों। अख्तर रॉयल्टी और कलाकार अधिकारों के लिए लंबे समय से लड़ रहे हैं, वहीं रहमान इनोवेशन पर जोर देते हैं। ओटीटी के जमाने में यह बहस और प्रासंगिक हो गई है।
फिल्म जगत के जानकार मानते हैं कि यह टकराव सकारात्मक है। इससे शोषण, मेंटल हेल्थ और सुधारों पर बात आगे बढ़ सकती है। क्या यह बदलाव लाएगा? देखना बाकी है।