
सिनेमा जगत में युवाओं के रोमांस पर बनी फिल्में तो खूब देखने को मिलती हैं, लेकिन पचास बरस के दांपत्य जीवन की गहराइयों को छूने वाली कहानी दुर्लभ है। सौरभ शुक्ला के निर्देशन में बनी ‘जब खुली किताब’ इसी कमी को पूरा करने जा रही है।
ट्रेलर रिलीज के साथ ही डिंपल कपाड़िया का अनुसूया अवतार सुर्खियों में है। पहाड़ी इलाकों की पृष्ठभूमि में बनी यह फिल्म भावुक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर लग रही है। डिंपल कहती हैं, ‘यह फिल्म मेरे लिए अनमोल है। कहानी की मजबूती, कलाकारों का जोश और निर्देशक का स्पष्ट दृष्टिकोण इसे खास बनाते हैं। अनुसूया का किरदार ईमानदारी की तलाश करता है, जो लंबे रिश्ते में साहस मांगता है।’
कहानी गोपाल (पंकज कपूर) और अनुसूया के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनके पचास साल साथ बिताने से जीवन में एक सहज समझ बन गई है। लेकिन एक पुराना रहस्य खुलते ही सब कुछ उलट-पुलट हो जाता है। गोपाल टूट जाते हैं और तलाक का फैसला लेते हैं।
पंकज कपूर बोले, ‘यह प्रेम की उस अवस्था की कहानी है जहां भावनाएं बदल जाती हैं—जटिल, चुभने वाली, फिर भी मरहम लगाने वाली।’ युवा वकील का रोल निभाने वाले अपारशक्ति खुराना कहते हैं, ‘फिल्म माफी और रिश्तों को जोड़ने की प्रक्रिया को सहजता से दिखाती है, जो दर्शकों को अपने जीवन पर विचार करने को मजबूर करेगी।’
6 मार्च को जी5 पर रिलीज होने वाली यह फिल्म लंबे रिश्तों की सच्चाई को उजागर करेगी।