
हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग के महान गीतकार इंदीवर की पुण्यतिथि 27 फरवरी को मनाई जाती है। चार दशकों में उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों के लिए 1000 से ज्यादा सदाबहार गीत रचे, जो आज भी दिलों को छूते हैं। श्यामलाल बाबू राय उर्फ इंदीवर का जीवन संघर्ष और सफलता की अनोखी मिसाल है।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बरुआ सागर में जन्मे इंदीवर को बचपन से कविता का शौक था। स्वतंत्रता संग्राम में ‘आजाद’ नाम से देशभक्ति गीत लिखे। शादी के बाद मुंबई पहुंचे, जहां कठिनाइयों से जूझे। 1946 में ‘डबल फेस’ से डेब्यू किया, लेकिन 1951 की ‘मल्हार’ ने उन्हें स्टार बना दिया। रोशन का संगीत और ‘बड़े अरमानों से रखा है बलम तेरी कसम’ सुपरहिट।
कल्याणजी-आनंदजी के साथ जोड़ी कमाल की रही। मनोज कुमार की ‘उपकार’ और ‘पूरब और पश्चिम’ में उनके गीतों ने देशभक्ति का जज्बा जगाया। राकेश रोशन की ‘कामचोर’, ‘करण अर्जुन’, ‘कोयला’ जैसी फिल्मों में भावुक गीत दिए। ‘अभी तुम्हें मेरी जरूरत नहीं’ आज भी रुला देता है।
‘अमानुष’ के ‘दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड। नाजिया-जोहैब के ‘आप जैसा कोई’, ‘बूम बूम’ जैसे पॉप गीत भी उनके कलम से। ‘सरस्वती चंद्र’, ‘डॉन’, ‘कुर्बानी’ जैसी फिल्मों के गीत अमर हैं। 27 फरवरी 1997 को दुनिया छोड़ गए, लेकिन गीत जिंदा हैं।